{"title":"Short Stories","description":"","products":[{"product_id":"mujhe-jugnuo-ke-desh-jaana-hai","title":"Mujhe Jugnuo Ke Desh Jaana Hai","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eसबाहत आफ़रीन की कहानियों में स्त्री पात्र के भीतर छटपटाहट है, बेचैनी है। उनकी कहानियों के किरदार बोसीदा रीति रवाजों को मानने से इनकार करते हैं। उनकी कहानियों का मन समाज के बनाये बन्धनों में जकड़ा हुआ ज़रूर है मगर वो किसी हाल में उम्मीद नहीं छोड़तीं। उनकी आँखों में उम्मीद के दिए जल रहे हैं, एक ख़ाब मतवातिर उनके ज़ेहन में चलता रहता है\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Rujhaan Publications","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":48638234656938,"sku":null,"price":99.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0715\/4063\/7866\/files\/Mujhe-Jugnuo-Ke-Desh-Jaana-Hai.webp?v=1783061247"},{"product_id":"khidkiyon-se","title":"KhidkiyoN Se","description":"\u003cp\u003eदीपक मशाल की लघुकथाएँ युवा लेखकों के लिए आदर्श हैं। विषय वैविध्य के कारण भी और प्रस्तुति  की नव्यता के कारण भी। ये लघुकथाएँ इतना तो आश्वस्त करती हैं कि  आने वाले समय में लेखक और अधिक नए विषयों का सन्धान करेगा और शिल्प के क्षेत्र में भी नए द्वार का उद्घाटन करेगा। – \u003cstrong\u003eरामेश्वर काम्बोज\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003c\/strong\u003e\u003cstrong\u003e‘\u003c\/strong\u003e\u003cstrong\u003eहिमांशु\u003c\/strong\u003e\u003cstrong\u003e’\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eविख्यात कवि-आलोचक क्रिस्टोफ़र काडवेल ने कहा था कि कलाएं समाज की कोख से उसी तरह जन्म लेती हैं, जिस तरह सीप के गर्भ से मोती पैदा होता है। दीपक मशाल की इन कथाओं की जड़ें भी समय और समाज या प्रदत्त दिक् और काल में उपस्थित जीवन के असंख्य मार्मिक, विडंबनाओं से संपृक्त, यंत्रणा और उल्लास, दुःख और सुख, जय और पराजय, सृजन और विध्वंस के अनगिनत प्रसंगों का विवरण देतीं, अँधेरे-उजाले के देखे-अनदेखे जीवन-अनुभवों में गहराई से धंसी हुई कहानियां हैं।\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cstrong\u003e–  उदय प्रकाश\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Rujhaan Publications","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":48639003197610,"sku":null,"price":99.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0715\/4063\/7866\/files\/Cover3-600x933.webp?v=1783061784"},{"product_id":"bevkoofi-ka-saundarya","title":"Bevkoofi Ka Saundarya","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eअनूप शुक्ल के धारदार व्यंग्य संग्रहों से सजी पुस्तक “बेवकूफ़ी का सौंदर्य” हमारी निर्मल आनंद की सोच को आगे बढाती है। हम जिन बातो को साधारण मानकर नज़र अंदाज़ कर देते है अनूप शुक्ल उनमे भी हास्य ख़ोज लेते हैं। हिंदी साहित्य में एक अच्छे व्यंग्य संग्रह की जो एक कमी लम्बे समय से है ये पुस्तक उसे पूरा करने का प्रयास अवश्य करती हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Rujhaan Publications","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":48639434457258,"sku":null,"price":99.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0715\/4063\/7866\/files\/Bewkoofi-ka-Saundarya.webp?v=1783061992"}],"url":"https:\/\/bookduku.com\/collections\/short-stories.oembed","provider":"Bookduku","version":"1.0","type":"link"}