{"product_id":"khidkiyon-se","title":"KhidkiyoN Se","description":"\u003cp\u003eदीपक मशाल की लघुकथाएँ युवा लेखकों के लिए आदर्श हैं। विषय वैविध्य के कारण भी और प्रस्तुति  की नव्यता के कारण भी। ये लघुकथाएँ इतना तो आश्वस्त करती हैं कि  आने वाले समय में लेखक और अधिक नए विषयों का सन्धान करेगा और शिल्प के क्षेत्र में भी नए द्वार का उद्घाटन करेगा। – \u003cstrong\u003eरामेश्वर काम्बोज\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003c\/strong\u003e\u003cstrong\u003e‘\u003c\/strong\u003e\u003cstrong\u003eहिमांशु\u003c\/strong\u003e\u003cstrong\u003e’\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eविख्यात कवि-आलोचक क्रिस्टोफ़र काडवेल ने कहा था कि कलाएं समाज की कोख से उसी तरह जन्म लेती हैं, जिस तरह सीप के गर्भ से मोती पैदा होता है। दीपक मशाल की इन कथाओं की जड़ें भी समय और समाज या प्रदत्त दिक् और काल में उपस्थित जीवन के असंख्य मार्मिक, विडंबनाओं से संपृक्त, यंत्रणा और उल्लास, दुःख और सुख, जय और पराजय, सृजन और विध्वंस के अनगिनत प्रसंगों का विवरण देतीं, अँधेरे-उजाले के देखे-अनदेखे जीवन-अनुभवों में गहराई से धंसी हुई कहानियां हैं।\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cstrong\u003e–  उदय प्रकाश\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Rujhaan Publications","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":48639003197610,"sku":null,"price":99.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0715\/4063\/7866\/files\/Cover3-600x933.webp?v=1783061784","url":"https:\/\/bookduku.com\/products\/khidkiyon-se","provider":"Bookduku","version":"1.0","type":"link"}